शनि खराब है,.. कैसे पता करें ..

                                              शनि खराब है कैसे पता करें ..?



सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि पता कैसे करें की आपका शनि खराब चल रहा है तो आज हम आपको बतायेंगे की शनि ख़राब है इसका लक्षण क्या है...
(१) यदि शरीर में हमेशा थकान व आलस भरा लगने लगे।
(२) नहाने-धोने से अरूचि होने लगे या नहाने का वक्त ही न मिले।
(३) नए कपड़े खरीदने या पहनने का मौका न मिले।
(४) नए कपड़े व जूते जल्दी-जल्दी फटने लगे।
(५) घर में तेल, राई, दाले फैलने लगे या नुकसान होने लगे।
(६) अलमारी हमेशा अव्यवस्थित होने लगे।
(७) भोजन से बिना कारण अरूचि होने लगें
(८) सिर व पिंडलियों में, कमर में दर्द बना रहे।
(९) परिवार में पिता से अनबन होने लगे।
(१०) पढ़ने-लिखने से, लोगों से मिलने से उकताहट होने लगे, चिड़चिड़ाहट होने लगे।



अब अगर आपके साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो अवश्य आपका शनि खराब है या होने वाला ये उपाय करिए और शनि दोष से मुक्ति पाइए.


• शनि देव को सरसों का तेल अत्यधिक प्रिय है अतः शनि देव की प्रतिमा पर  शनिवार को सरसों का तेल अवश्य चढ़ाएं तथा सरसों के तेल का पंचमुखी लाल बाती के साथ दीपक भी लगाएं.
• काली चीजें और लोहा आदि शनि की धातु है अतः शनि अमावस्या को एक काले कपडे में काले उड़द, सवा किलो अनाज, कोयला और लोहे की कील लपेटकर अपने सर से ७ बार घुमाकर जल प्रवाह कर दे.
• शनि अमावस्या को काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं और उसकी पुजा करें , इससे जिन लोगों के ऊपर शनि की साढ़े साती चल रही है या शनि की ढैय्या चल रही है उनको लाभ अवश्य मिलेगा.
• शनि अमावस्या पर किसी शनि मंदिर या एकांत स्थान में बैठकर राजा दशरथ द्वारा रचित शनि स्रोत का पाठ करें इससे शनिदेव जल्दी प्रसन्न होते हैं.
• शनि अमावस्या की सुबह किसी पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक जलाये इससे शनि देव प्रसन्न होंगे.
• जिन लोगों के ऊपर शनि देव की साढ़े साती चल रही है वे लोग शनि अमावस्या पर काले घोड़े की नाल की अंगूठी बनवाकर अपनी मध्यमा उंगली पहनें.
• शनि अमावस्या पर कुष्ठ रोगियों को भोजण करायेन तथा उन्हें जूते, चप्पल,कम्बल, तेल, काला छाता , कपडे, काले उड़द आदि का दान करें.
• शनि साढ़े साती से परेशान व्यक्ति किसी अच्छे और जानकार विद्धवान से पूछकर नीलम रत्न को धारण करें इससे शनि का कुप्रभाव कम होगा.
•  शनि अमावस्या पर आप अपने पूजा घर में शनि यन्त्र स्थापित करें और रोज इसकी पुजा करें , पुजा में काले उड़द,तिल, और नीले रंग के फूल भी अवश्य चढ़ाएं.



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